PRD College

प्रबंधक की कलम से

मा0 प्रबन्धक
डा0 श्री नरेन्द्र सिंह तोमर जी
(ग्राम पीपली जट)

भारतीय संस्कृति, विद्या को समृद्धि, ज्ञान प्रगति एवं मोक्ष साधन मानती है।
सा विद्या या विमुक्तये:- क्योकि विद्या वह है जो अज्ञान से दूर करे तथा ज्ञान व मोक्ष प्रदान करें ।
वास्तव में संस्कृति, ज्ञान व चरित्र के पवित्र संगम से शिक्षा तीर्थराज प्रयाग वनजाति है । ऐसी शिक्षा से संस्कारित युवको के जीवन का उद्देश्य व ध्येय भारतीय आध्यात्मिक चेतना के प्रकाश को समस्त भूमण्डल पर फैलाना होगा। उपनिषद का पवित्र मन्त्र एवं युग दृष्टा स्वामी विवेकानन्द का प्रिय प्रेरणा श्रोत युवको को आहृाहन उदघोष ध्येय वाक्य होगा -
श्उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधतश् अर्थात उठो जागो और अपने श्रेष्ठ ध्येय व लक्ष्य को प्राप्त करने तक मत रूको। इसी दिव्य कल्पना को साकार रूप देने में साधनारत हैं सरस्वती विद्या मन्दिर की प्रबन्ध समिति एवं विद्यालय हितैषी अभिभवक तथा पुरातन छात्र और समस्त अचार्य परिवार ।