PRD College

सरस्वती विद्या मन्दिर,चांदपुर

सरस्वती विद्या मन्दिर विद्यालय चाँदपुर की स्थापना सुसंस्कारित सौम्य सुखद वातावरण में सन् 1978-79 में संघ के कार्यकत्र्ता पूर्व प्रचारक प्रमुख समाजसेवी एवं शिक्षा प्रेमी श्री राजेश्वर प्रसाद बंसल जी तथा शिक्षाविद् श्री देवेन्द्र कुमार सनाढ्य जी के प्रयास से हुई । दोनो बन्धुओ के सुयोग्य सफल निर्देशन मे चाँदपुर नगर के होली का मन्दिर के पास प्रांगण में बने पुराने 3 कमरो को शिक्षण कक्षो का स्वरूप देकर कक्षा 6, 7, 8 प्रारम्भ की गयी । इन दोनो बन्धुओ के,( श्री राजेश्वर प्रसाद बंसल जी व श्री देवेन्द्र सनाढ्य जी अध्यापक) तथा श्री रमेश जी घी वाले, श्रवण कुमार इंजीनियर जी, रामरक्षपाल जी अध्यापक, लक्ष्मी जी श्री राधेश्याम कर्णवाल जी के सहयोग तथा उस समय के प्रधानाचार्य श्री चैतन्य प्रकाश गोयल जी के कठिन तथा अथक परिश्रम से दो वर्षो मे लगभग 150 (संख्या) छात्र - छात्राओ का विद्यालय प्रारम्भ हो गया । सन् 1983 मे विद्यालय का शासन शिक्षा विभाग से जूनीयर हाईस्कूल स्तर की मान्यता भी प्राप्त हो गयी थी।
भारतीय जीवन मूल्यो एवं अपनी चिरन्तन संस्कृति पर आधारित बालकेन्द्रित, क्रियाधारित अभिनव शिक्षण पद्धति पर आधारित स0 शि0 म0 को ही कक्षा पाँच के ऊपर भी सुसंस्कारित, शारीरिक, मानसिक, नैतिक आध्यात्मिक तथा व्यावसियकता की शिक्षा को व्यावहारिकता से ओत - प्रोत करते हुए नगर एवं क्षेत्र की जनता की भावनाओ के अनुकूल बालको के शैक्षिक उन्नयन एवं संर्वागीण विकास के लिए जूनियर स्तर तक शिक्षा व्यवस्था को सवाँरने सजाने का संकल्प लेते हुए कार्य योजना प्रारम्भ की गयी और इसी श्रंखला में इस श्रेष्ठ योजना को विस्तृत भावी विशाल सुन्दर स्वरूप देने के लिए श्री राजेश्वर प्रसाद बंसल जी, देवेन्द्र सनाढ्य जी आदि ने नगर के समाजसेवी, दानवीर, गणमान्य लोगो के आर्थिक सहयोग से वर्तमान भूमि के एक भूभाग को सरस्वती विद्या मन्दिर विद्यालय के नाम क्रय किया गया था इसके बाद सन 1983-84 मे चार कक्षाओ का भवन बनाकर विद्यालय को अपने भवन मे स्थानान्तिरित किया गया जो आज एक विशाल भवन भूमि के रूप मे स्थित है तथा सम्पूर्ण सुन्दर व्यवस्थाओ से पूर्ण इण्टर तक की शिक्षा का विद्यालय है । इसके बाद तत्कालीन प्रधानरचार्य श्री हरिओम सहस्रबुद्धे जी के निर्देशन मे सन 1995 तक कक्षा 9 तक की शिक्षण व्यवस्था प्रारम्भ हुई ।